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सोमवार

मामूली आदमी का घोषणा पत्र



मामूली आदमी हूँ
असमय मरुँगा
तंग गलियों में
संक्रमण से
सड़क पार करते हुए
वाहन से कुचल कर
या पुलिस लाकअप में

माफ करना मुझे
अदा नहीं कर सकूँगा
मैं अपना पोस्टमार्टम खर्च ।


- अरविन्द श्रीवास्तव

6 टिप्‍पणियां:

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

कोई बात नहीं. इतना तो भारत के किसी भी राज्य की सरकार उठा लेगी और कम पडा तो इसी आधार पर केन्द्र से अनुदान मांग लेगी.

sandhyagupta ने कहा…

Blog jagat me aapka swagat hai.

islamicwebdunia ने कहा…

अच्छा लिखते हो

rajita ने कहा…

aapki is behtarin kavita k liye badhai

प्रदीप कांत ने कहा…

मामूली आदमी पर बड़ी बात।

सुशील कुमार ने कहा…

जनचेतना की पैनी कविता।

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